On-Page SEO In Hindi

On-Page SEO In Hindi – Website Optimization – 10 सीक्रेट Strategy

अगर आप अपने blogpost को rank करना चाहते हैं तो आपको On-Page SEO क्या है (On-Page SEO In Hindi) और वेबसाइट optimization कैसे करें यह ज़रूर मालूम होना चाहिए.

On-Page SEO में Headlines, Tags, Website Content, Image Alt Text, Keyword Density, Website Speed, Internal Link आदि को optimize करके सर्च इंजन पर ranking हासिल करना होता है.

जब मैंने वेबसाइट की शुरुआत की थी तब मुझे on-Page SEO का महत्व नहीं पता था.मैं सिर्फ और सिर्फ backlinks बनाने में लगा रहता था. परंतु मेरे वेबसाइट पर trafiic नहीं आता था. उसके बाद मुझे महसूस हुआ कि मैं कुछ गलत कर रहा हूं. इसके बाद मैंने अपने strategy में परिवर्तन किया और मुझे इससे काफी अच्छा फायदा मिला.

अगर आप मेरी ग़लतियाँ नहीं करना चाहते तब आपको यह article ज़रूर पढ़ना चाहिए.

इस आर्टिकल में हम SEO की पहली स्टेज यानी वेबसाइट पर focus करेंगे. इसमें हम website optimization कैसे करें और SEO कि आसान strategies सीखेंगे. इसके साथ में आपको wordpress पर उपयोग होने वाली कुछ plugin जैसे Yoast SEO Plugin के बारे में भी बताऊंगा.

On-Page SEO In Hindi – On-Page SEO kya hai?

On-Page SEO वह method है जहां हम अपनी वेबसाइट पर बदलाव करके higher रैंकिंग कहते हैं. यह वह स्ट्रेटजी है जो आपको सबसे पहले सीखनी चाहिए क्योंकि यह पूरी तरह आपके नियंत्रण में होती है

SEO kya hai hindi me – SEO क्या है हिंदी में समझे

SEO अपनी वेबसाइट को search engine जैसे Google, Yahoo, Bing, आदि में higher rank कराने का एक technique है.

आप जैसे ही Google पर search करते हैं आपको दो तरह के रिजल्ट दिखाई देते हैं. पहले कुछ ads होते हैं उसके नीचे जो वेबसाइट देखते हैं वह SEO कि दिन है.

SEO करने के 2 तरीके होते हैं –

On-Page SEO और,

Off-Page SEO

On-Page में हम लोग अपनी वेबसाइट पर ही optimize (heading, URL, meta description, आदि) करके rank करने की कोशिश करते हैं. वही Off-Page SEO में हम लोग वेबसाइट के बाहर सारा काम करते हैं.

इस आर्टिकल में हम अपना सारा ध्यान On-Page SEO और उसके strategies पर देंगे.

On-Page SEO का महत्व 2020 में

Google ने बताया है कि वह आज भी keywords को खास महत्व देती है. Google आज हमारे search intent को समझने में काफी सक्षम है. यह On-Page के महत्व को खास बढ़ा देती है.

Backlinko एक अध्ययन ने On-Page SEO और Google’s First Ranking के संबंध को साबित किया है.

On-Page SEO Kaise Kare

On-page SEO के कुछ ऐसे tips जो कि आपके blogpost को rank करेगी नीचे है.

1. Keyword Placement

यह बहुत ही पुराना पर असरदार नुस्खा है.

आप अपना main keyword blogpost के पहले 100-150 शब्दों में उपयोग करें.

इसकी आवश्यकता क्यों है?

Google ज्यादा ध्यान पहले कुछ शब्दों पर देता है. आप अगर अपना main keyword इसके बीच उपयोग करते हैं तो यह आपके ranking में मददगार होगा .

2. Heading H1 Tag में keyword का उपयोग करें

H1 tag से Google को वेबसाइट की संरचना (structure) समझने में सहायता होती है.

बहुत सारे प्लेटफॉर्म जैसे WordPress अपने आप H1 Tag blogpost में add कर देते हैं.

3. H2 Tag में keyword का उपयोग करें

मैंने बहुत सारी रिसर्च करके यह पाया है कि अगर आप अपने H2 Tag में अपना keyword का उपयोग करते हैं तो आपको रैंकिंग में फायदा मिलता है.

4. Keyword Frequency (Keyword का उपयोग कितनी बार हुआ?)

आपके blogpost में keyword का उपयोग कितनी बार हुआ है इससे आपकी रैंकिंग पर बहुत फर्क पड़ता है.

अगर आपने बहुत कम keyword का उपयोग किया है तो Google को article का topic समझने में कठिनाई होगा. वही बहुत ज्यादा उपयोग करने पर Google के पास यह संदेश जाता है कि आप black hat SEO कर रहे हैं.

मैं एक 1000 words के आर्टिकल में 2-3 बार keyword उपयोग करता हूं. एक बार शुरुआत में, फिर आर्टिकल के बीच में और आख़िरी बार आर्टिकल खत्म करते समय.

5. External (Outbound) link का उपयोग करें

External (Outbound) link के उपयोग से Google को संदेश जाता है कि आपका आर्टिकल well-researched है.

ध्यान दें – यह link अच्छे और relevant blog post को ही जाना चाहिए जैसे Wikipedia, Reddit, news article,आदि.

6. अपने URL को optimize करें

Google ने हाल में ही URL को महत्व देना चालू किया है. इसके लिए जरूरी है कि आप SEO-Friendly url बताएं.
छोटे URL का उपयोग करें.

URL में keyword का प्रयोग करें.

url optimization

7. Website की speed

Google Webmaster के अनुसार वह internet को तेज बनाना चाहती है. इस कारण से आपका वेबसाइट कितनी जल्दी load होता है यह एक महत्वपूर्ण अंग है.

2010 में Matt Cutts ने कहा था की वेबसाइट की page load speed किसके ज्यादा मान्यताएं नहीं है. पर यह आज सच नहीं.

8. Quality In-depth content बनाए

आज वह समय नहीं है जहां आप 500-600 शब्दों के आर्टिकल लिख कर रैंक कर सकते हैं. आज के दिनों में आपको लंबा आर्टिकल लिखने की जरूरत है जिसमें images, videos आदि का उपयोग किया गया हो.

आजकल आर्टिकल वेबसाइट पर ट्रैफिक लाने का एकमात्र ज़रिया नहीं है. ऐसे बहुत तरीके हैं जिनसे आप अपने वेबसाइट पर quality ट्रैफिक ला सकते हैं.

जब आप in-depth आर्टिकल लिखना चालू करते हैं तब आप देखेंगे कि कुछ long tail keyword से आपको काफी अच्छा ट्रैफिक आ रहा है. यह भी एक कारण है इससे आपको quality and in-depth हटकर लिखना चाहिए.

9. वेबसाइट का experience (UI/UX)

Apple कंपनी अपने UI/UX पर करोड़ों रुपए का खर्च करती है. वह जानती है कि अगर users को सर्च करने में कठिनाई होगा तो वह भाग जाएंगे.

यही हाल है वेबसाइट के साथ भी.

वेबसाइट का डिज़ाइन आप इस तरह से चुने की users को एक page से दूसरे पेज पर जाने में कोई कठिनाई का सामना नहीं करना हो.

10. आर्टिकल की Freshness

आपका content हमेशा fresh रहना चाहिए. ऐसा नहीं हो सकता कि आपने कोई blog post लिखा और उसको छोड़ दिया. आपको निरंतर उस पर बदलाव करने होंगे. कुछ add करना होगा तो कुछ delete करना होगा.

मैं अपने प्रत्येक article को छह माह में update करता हूं. या जैसे ही मेरी ranking गिरने लगती है तब करता हूं.

11. What Is a Title Tag In Hindi?

आप जो अपने वेबसाइट के heading रखते हैं उसको Title Tag कहते हैं.

मेरे अनुभव से Title tag on-page SEO का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है | इससे search engineको आपके टॉपिक के बारे में ज्यादा जानकारी मिलती है.

आपका keyword, title tag की शुरुआत में होना चाहिए.

11. what is a meta description in Hindi (Meta Description क्या है?)

Title Tag And Meta Description

यह जो शब्द (text) आप देख रहे हैं इसी को meta description कहते हैं.

यह एक HTML element होता है जो आपके वेबसाइट के कांटेक्ट को संक्षेप में दर्शाता है.

Meta description का उपयोग करने से search engine और user दोनों को बिना वेबसाइट के अंदर गए वेबसाइट के कांटेक्ट का पता चलता है.

12. Meta Tag Kya Hai

Moz के अनुसार meta tag की definition कुछ ऐसे हैं :-

Meta tag दस्तावेज़ के HTML में वेबपेज के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं. इस जानकारी को “मेटाडेटा” कहा जाता है और जबकि इसे web page पर प्रदर्शित नहीं किया जाता है, इसे सर्च इंजन और web crawler द्वारा पढ़ा जा सकता है.

Google जैसे search engine meta data का उपयोग meta tag से लेकर वेबपेज के बारे में अतिरिक्त जानकारी को समझने के लिए करते है. वे इस जानकारी का उपयोग रैंकिंग उद्देश्यों के लिए कर सकते हैं, खोज परिणामों में स्निपेट प्रदर्शित करने के लिए, और कभी-कभी वे मेटा टैग को अनदेखा कर सकते हैं.

13. Alt Text (Alternative Text) का सही उपयोग

Google आज बहुत smart हो गया है. वह search intent को satisfy करने में माहिर है.

परंतु वह अभी भी image को समझ नहीं पाता है. हमें उसको समझाना पड़ता है कि image किस टॉपिक पर है. यह कार्य करने के लिए हम Alt Text का उपयोग करते हैं.

आप कोशिश करें कि first image में आपका main keyword हो. बाकी images में भी को कोशिश करेंगी secondary keywords आ जाए.

14. Crawling के लिए optimize करें

SEO complicated नहीं है. SEO experts 3 चीजों पर focus करते हैं:-

  1. Crawlability
  2. Content
  3. Backlinks

Searc engine मानव जैसे समझदार नहीं होते. अगर उनको कोई broken link मिलता है तो वह अपना काम वहीं पर रोक देते हैं उससे आगे नहीं जाते.

इसलिए आपको यह निश्चित करना होगा कि आपके वेबसाइट पर कोई broken links नहीं है.

15. Mobile Friendly (Responsive)

आज 80% search mobile के जरिए होता है. इसलिए आपका वेबसाइट है desktop के साथ mobile के लिए भी compatible होना चाहिए.

इससे आपकी ranking और user experience बढ़ेगा.

Blog Post Ko Rank Kaise Kare? Advance SEO Strategy In Hindi

इस section में हम देखेंगे कि अपने blog post को कैसे rank किया जाए.

1. Keyword In URL

अपने URL में keyword उपयोग करने से आपको अच्छी रैंकिंग मिल सकती है. यह Google को दिखाता है कि आप किस टॉपिक के बारे में बात करने वाले हैं. एक अच्छा signal Google के पास जाता है.

2. Keyword In Title Tag

Title Tag में keyword शुरुआत में रखने की कोशिश करें.

Title Tag की length 5-8 word तक रखें.

3. Image का नाम में keyword करें

Article कि पहले 100-150 words में keywords का प्रयोग जरूर करें. इन शब्दों में आप अपने secondary keyword का उपयोग भी कर सकते हैं.

4. H2 Tag में keywords का उपयोग

5. Image की size

Website पर सबसे ज्यादा space लेने वाला समान images होते हैं. आपको चाहिए की image का साइज कम से कम हो.

मैं कोशिश करता हूं कि मेरे images का size 100-200kb के अंदर हो.

6. Internal Link

अपने website के एक web page से दूसरे web page को link करने को Internal Link कहते हैं.

अगर आपके वेबसाइट पर बहुत अधिक page हैं तो आप एक web page से दूसरे web page को link करें. इससे आपका bounce rate भी कम होगा और Google को crawl करने में भी आसानी होगा.

7. Article पूरे विस्तार से लिखें

Google को आज के समय में लंबे, अच्छे और विस्तारपूर्वक article अधिक पसंद है. आप एक आर्टिकल को कितना अच्छा और लंबा हो सके लिखें.

आमतौर पर 1,000 – 2,000 words के आर्टिकल लिखें. अपने आर्टिकल में Long-Tail keyword का भी उपयोग करें.

8. Voice Search SEO

Backlinko के अनुसार Google voice सर्च को ज्यादा महत्व देता है. आपको अपने आर्टिकल ऐसे लिखने हैं कि वह voice search के लिए भी तैयार रहें.

आप यह कैसे कर सकते हैं?

आप अपने आर्टिकल में  question डालें, long tail keywords का उपयोग करें.

Website का Bounce Rate कम करने के कुछ तरीके

Bounce rate आपकी वेबसाइट को बहुत नीचे ला सकती है.

इसका मतलब क्या होता है ?

Bounce rate वह घटना है जब users आपके वेबसाइट से exit हो जाता है. जितने ज्यादा users आपके वेबसाइट से बिना किसी दूसरे पेज पर गए exit होंगे उतना अधिक आपका bounce rate होगा.

bounce rate vs seo position
Ref – https://backlinko.com/hub/seo/bounce-rate

Bounce rate को कम कैसे किया जाए?

आप कुछ techniques उपयोग करके bounce rate को कम कर सकते हैं.

1. High Definition Images

किसी को भी लंबे लंबे text पढ़ने की आदत नहीं होती. आपका भी मन जल्दी फट जाएगा अगर आप सिर्फ और सिर्फ text देखेंगे.

जरूरी है website में images का उपयोग हो. इसे लोगों को भी समझने में आसानी होती है.

2. Structure Of Article

अगर आपको बिना किसी heading या paragraph के कुछ पढ़ना हो तो आप बहुत जल्दी bore हो जाएंगे.

एक अच्छे आर्टिकल में heading, subheading और उदाहरण का प्रयोग होता हो.

3. Videos उपयोग करके dwell time बढ़ाएं

आपके वेबसाइट पर लोग कितने समय तक ठहरते हैं उसको dwell time कहते हैं.

यह एक अच्छा signal Google के पास भेजता है. यह दिखाता है कि लोगों को हमारा आर्टिकल पसंद आ रहा है. आप YouTube के channel का लिंक बीच में लगा सकते हैं.

4. Internal Linking

यह भी bounce rate को कम करने में काफी मददगार साबित होता है. आप अपनी एक आर्टिकल का लिंक दूसरे आर्टिकल साथ देते हैं तो इससे पूरे website की authority भी बढ़ती है.

Internal link आपके article को rank कराने में भी सहायता करती है.

5. Page Speed

सभी को अपना जवाब जल्द से जल्द चाहिए. इसमें अगर आपका वेबसाइट धीमा रहेगा तो users बाहर चले जाएंगे.

Website पर CTR (Click Through Rate) बढ़ाने के कुछ Tips

आपका वेबसाइट कितनी बार है Google पर दिखा और कितनी बार लोगों ने उस पर क्लिक किया इसी के percentage को CTR कहते हैं.

CTR on Website

CTR बढ़ाने की कुछ नुस्खे :-

1. Headlines या Title Tag

CTR बढ़ाने में Title Tag का बहुत महत्वपूर्ण role है. आप title को 5-7 word के अंदर रखते हुए emotional words जोड़े.

अगर english titles की बात करें तो “best, review, how to, top 10” बहुत असरदार titles होते हैं.

2. Meta Description

किसी भी वेबसाइट पर क्लिक करने से पहले 50-70% लोग meta description ज़रूर पढ़ते हैं. यह पढ़कर लोग पता करने की कोशिश करते हैं कि उनके सवालों का जवाब उसमें है या नहीं.

इसके लिए जरूरी है आप search intent को समझें और उसी के अनुसार meta description लिखें.

3. Schema Code का प्रयोग करें

क्या आपको मालूम है की schema code से आप CTR 10-15% तक बढ़ा सकते हैं.

सारांश (Summary)

On-Page SEO करना सरल है. यह पूरी तरह से हमारे control मे रहता है. इसमें आपको निरंतर मेहनत करने की जरूरत है. Quality content इसका सबसे प्रमुख हथियार है. इसमें धीरे-धीरे काम करके आप अपने bounce rate को कम कर सकते हैं.

अब आपकी बारी (Your Turn Now)

अगर आपको अभी कोई सवाल है तो आप नीचे comment बॉक्स में डाल सकते हैं. मैं पूरी कोशिश करुंगा कि उसका जवाब जल्द से जल्द आपको दू.

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