Types Of Search Engine In Hindi

4 Types Of Search Engine In Hindi – सर्च इंजन कितने तरह के होते हैं?

इस आर्टिकल में आपको types of search engine in hindi के बारे में जानकारी मिलेगी.

सर्च इंजन 4 तरह के होते हैं – Crawler Based, Human Based, Hybrid और Meta Search Engine. इन चारों सर्च इंजन में से सबसे प्रसिद्ध crawler based सर्च इंजन होता है. यह सर्च इंजन एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का उपयोग करके वेबसाइट को दिखाता है. इसका सबसे अच्छा उदाहरण Google है.

जब हमें कुछ जानकारी चाहिए होती है तब अपने ब्राउज़र में जाकर किसी सर्च इंजन में उस जानकारी को पूछते हैं. आज के दौर में सर्च इंजन इतना common हो गया है कि इसके बिना कह नहीं सकते.

चलिए विस्तार से देखते हैं इनके काम करने का तरीका.

Types of Search Engine In Hindi – सर्च इंजन के प्रकार

4 तरह के सर्च इंजन

4 तरह के सर्च इंजन इस तरह है:-

1. Crawler Based सर्च इंजन

यह बहुत ही advance तरह के सर्च इंजन है. आजकल के सभी सर्च इंजन इसी तरह के आते हैं. उदाहरण के लिए – Google, Bing, Yahoo आदि.

Crawler Based सर्च इंजन के काम करने का तरीका

यह सर्च इंजन 3 चरणों में काम करते हैं:-

1. Crawling

इस process में software या bots आपके पूरे वेबसाइट को ढूंढते हैं. यह हर एक पेज को बारी बारी से पढ़ते हैं. इसमें वह keywords, images, content, आदि की पूरी जानकारी लेते हैं.

2. Indexing

इस process के अंदर search engine bots आपके वेबसाइट को अपने database में store करते हैं. यह बहुत ही important phase है. अगर अगर आपका वेबसाइट database में storeनहीं होगा तो कोई भी लोग आपके वेबसाइट को देख नहीं पाएंगे.

3. Retrieval और Ranking

यह आखिरी चरण है. इसके अंदर सर्च इंजन आपके वेबसाइट को crawling and indexing के आधार पर rank करती है.

जैसे ही कोई user search query करता है तब आपकी वेबसाइट दिखाई जाती है. यह एक complicated process जिसमें content, backlink, images, content quality आदि का उपयोग किया जाता है.

2. Human-Based Search Engine – मानव आधारित सर्च इंजन

इसमें एक मानव हर एक वेबसाइट को check करके approve करता है. ज्यादातर यह directories होती है जहां लोगों को कुछ specific तरह की जानकारी मिलती है.

कुछ उदाहरण – Dmoz, Yahoo Directory

मानव आधारित सर्च इंजन के लाभ

  1. हर एक पेज को मानव द्वारा परखा जाता है. इसका मतलब porn जैसी वेबसाइट का आहा लगभग नामुमकिन है.
  2. कम रिजल्ट का मतलब है आपको अपने सवालों का जवाब आसानी से मिल सकता है.

मानव आधारित सर्च इंजन के नुकसान

  1. इसका design समझने में आपको दिक्कत हो सकती है.
  2. कभी-कभी आपको अपने मन मुताबिक परिणाम ढूंढने में काफी मेहनत करना पड़ सकता है.
  3. एक वेबसाइट को register करने में काफी समय लगता है.

3. Hybrid Search Engine

आजकल ज्यादा से ज्यादा सर्च इंजन hybrid model का उपयोग कर रहे हैं.

Hybrid सर्च इंजन में crawler और human-based दोनों का इस्तेमाल होता है. सर्च इंजन का अपना कलर रहता है जो website के साथ-साथ directories को भी ranking देता है. यह करने से एक सर्च इंजन को दोनों तरह के रिजल्ट मिलता है. सर्च इंजन में human based results को ज्यादा प्राथमिकता दिया जाता है.

उदाहरण – Google, Yahoo.

4. Meta Search Engine

Meta Search Engine बहुत सारे सर्च इंजन के queries को combine करके रिजल्ट शो करता है. इनका अपना कोई bot या crawler नहीं होता है. इस सर्च इंजन का उपयोग करके आपको ज्यादा रिजल्ट मिल सकते हैं. लेकिन कभी quality या relevancy check करनी पड़ सकती है.

उदाहरण – DogPile, Clusty.

How To Work Google Search Engine In Hindi – Google कैसे काम करता है?

How To Work Google Search Engine In Hindi

आपको तो यह मालूम ही होगा कि Google दुनिया का सबसे प्रसिद्ध सर्च इंजन है. दुनिया के पूरे 94% traffic Google के द्वारा किया जाता है.

हम इधर देखेंगे कि गूगल कैसे काम करता है और यह कैसे आपको रिजल्ट ला कर देता है.

आपको सबसे पहले अपने वेबसाइट को Google Search Console में verify कराना होगा. वेबसाइट को verify कराने से Google को आपके वेबसाइट के बारे में मालूम चलता है. सोचिए की दुनिया में हर रोज करोड़ों की संख्या में वेबसाइट बनते हैं. अगर कोई अपनी वेबसाइट verify नहीं कराएगा तो Google को वेबसाइट के बारे में कैसे मालूम चलेगा इसलिए यह सर्वप्रथम step जरूरी है.

वेबसाइट को verify कराने के बाद Google अपने Bots को आपके वेबसाइट पर crawl करने के लिए भेजता है. यह crawler आपके वेबसाइट के हर एक पेज को बरेली जल्दी और आसानी से पड़ता है. इसमें वह backlink, content quality आदि check करता है.

अपने analysis के आधार पर वह आपके पेजेस को ranking देता है.

Search Engine Advertising Meaning In Hindi

जब आप सर्च इंजन में अपने ads चलाते हैं तब उसको Search Engine Advertising कहते हैं.

Paid ads चलाने के लिए लोगों का मनपसंद प्लेटफॉर्म Google है. यह हमको एक फ्री Keyword Research Tool देता है जिसको “Google Keyword Planner” कहते हैं. इस tool से keyword research करने के लिए मेरा keyword planner in hindi आर्टिकल पढ़ें.

लगभग सभी सर्च इंजन PPC (Pay Per Click) model पर काम करते हैं. इसका मूल मतलब यह है कि आपको तभी पैसे देने हैं जब आपके ads पर कोई click करता हो. यानी आपको अपना ads दिखाने के लिए एक भी रुपए देने की जरूरत नहीं.

FAQ – कुछ सवाल जो आपके मन में आ सकता है.

Google हमको कब से रैंकिंग देने लगता है?

यह बहुत ही पेचीदा सवाल है इसका जवाब ढूंढने के लिए आपको स्वयं मेहनत करना होगा. Google आपके वेबसाइट को बहुत पैमानों पर जांच कर रैंकिंग देता है. इसमें आपका content और backlink एक मुख्य भूमिका निभाते हैं.

शुरुआती दिनों में गूगल आपके वेबसाइट पर भरोसा नहीं करेगा. इस कारण वह आपको अच्छी रैंकिंग नहीं देगा. आपको चाहिए कि Google की नजरों में भरोसे लायक सिद्ध हो और निरंतर काम करते रहें. धीरे-धीरे आपको रैंकिंग मिलना चालू हो जाएग

सारांश (Summary)

मैं आशा करता हूं कि आपको types of search engine के बारे में मालूम चल गया होगा. और यह कैसे काम करता है इसका भी अंदाजा हो गया होगा.

आपने इस आर्टिकल में Google कैसे काम करता है यह भी देखा.

अब आपकी बारी (Your Turn Now)

अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ इसको शेयर करें और उनको भी types of search engine के जानकारी दें.

आपका कोई सवाल रह गया हो तो मुझे नीचे कमेंट में लिखें. मैं आपको तब देने का पूर्ण कोशिश करूंगा.

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